• Contact Us
  • Home 2
  • Home 3
  • Home 4
  • Home 5
  • Home 6
  • Latest Hindi News | बंगाल | देश | Mochan Samachaar | Live Update
Mochan Samachaar
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Mochan Samachaar
No Result
View All Result
Home बंगाल

चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद, दुनिया में सबसे ज़्यादा आबादी होने के कारण भारत में प्रति व्यक्ति आय अभी भी है कम

Mochan Samachaar Desk by Mochan Samachaar Desk
04/08/2025
in बंगाल
0
चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद, दुनिया में सबसे ज़्यादा आबादी होने के कारण भारत में प्रति व्यक्ति आय अभी भी है कम
0
SHARES
8
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

कोलकाता : मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (mcci) ने चैंबर के कॉन्फ्रेंस हॉल में “भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका” विषय पर सिटी यूनियन बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ डॉ. एन. कामकोडी, भारतीय स्टेट बैंक के नेटवर्क-II महाप्रबंधक सनातन मिश्रा, यूको बैंक के फ्लैगशिप कॉर्पोरेट क्रेडिट महाप्रबंधक  सुजॉय दत्ता और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के उप-क्षेत्रीय प्रबंधक राज कोकिल सिंह के साथ एक विशेष सत्र का आयोजन किया। जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसाार डॉ. एन. कामकोडी, सनातन मिश्रा, सुजॉय दत्ता और राज कोकिल सिंह ने सत्र के दौरान एमसीसीआई बैंकिंग एवं वित्त हेल्प डेस्क का शुभारंभ किया।

सत्र को संबोधित करते हुए, डॉ. एन. कामकोडी ने कहा कि उद्यमियों को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए और बैंकरों को सहायक भूमिका निभानी चाहिए। किसी भी देश के महत्वपूर्ण आर्थिक प्रदर्शनकर्ता चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्य होते हैं। हालाँकि, बैंक अब उनका समर्थन करने के लिए तैयार हैं।

चुनौतियों पर चर्चा करते हुए, डॉ. कामकोडी ने बताया कि चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद, दुनिया में सबसे ज़्यादा आबादी होने के कारण भारत में प्रति व्यक्ति आय अभी भी कम है।

अंत में, उन्होंने कहा कि जर्मन अर्थव्यवस्था के वित्तपोषण के प्रमुख स्रोतों में से एक ऋण है, जबकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से इक्विटी फंड द्वारा वित्तपोषित है। उन्होंने आगे बताया कि भारत के पास पर्याप्त पूँजी है, हालाँकि 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जोखिम पूँजी की आवश्यकता है।

सनातन मिश्रा का मानना है कि बैंक अब विकास को वित्तपोषित करने के लिए पहले से कहीं बेहतर स्थिति में हैं। उदाहरण के लिए, उन्होंने कहा कि यूपीआई कम लागत वाले लेनदेन के लिए एक बड़ा बदलाव है और यह समावेशी विकास को गति देगा।

मिश्रा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि बैंकों के पास पर्याप्त पूँजी है और वे पूँजीगत व्यय के लिए तैयार हैं। हालाँकि, निजी क्षेत्र में ऋण अवशोषण की क्षमता होनी चाहिए।

सुजॉय दत्ता ने कहा कि बैंकों को पूर्ण डिजिटल प्रदाता बनने की आवश्यकता होगी और बैंक अब डिजिटल बुनियादी ढाँचे में भारी निवेश कर रहे हैं।

राज कोकिल सिंह ने कहा कि अब बैंक छोटे व्यवसायों को वित्तीय सहायता देने के लिए तैयार हैं। सरकार ने छोटे उद्योगों के लिए बिना ज़मानत वाले ऋण की व्यवस्था की है। इन उद्योगों का विकास अप्रत्यक्ष रूप से बेरोज़गारी की समस्या का समाधान कर सकता है। हालाँकि, एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और डिजिटल परिवर्तन अभी भी बैंकों के लिए चुनौतीपूर्ण मुद्दे हैं।

एमसीसीआई की बैंकिंग एवं वित्त परिषद के अध्यक्ष  समरजीत मित्रा ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि बैंकों और उनके ग्राहकों के बीच की खाई को पाटने के लिए इस तरह के सत्र आवश्यक हैं। बैंकिंग क्षेत्र आर्थिक गतिविधियों की जीवन रेखा के रूप में कार्य करता है। चाहे वह कृषि हो, बुनियादी ढाँचा हो, विनिर्माण हो या तेज़ी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम हो, समय पर और समावेशी ऋण ही विकास को गति प्रदान करता है।

सुरक्षित, मापनीय और उपयोगकर्ता-अनुकूल फिनटेक प्लेटफ़ॉर्म में निवेश जारी रखकर, बैंक लाखों और लोगों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में ला सकते हैं।

_____________________________________________________________________________________________________

Tags: Despite being the fourth largest economyIndia still has a low per capita income due to having the most population in the worldmcci
Previous Post

वर्ष 2023 के लिए 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा, “12वीं फेल” को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार

Next Post

बीएसएफ, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस को संयुक्त ऑपरेशन में म‍िली बड़ी कामयाबी, आतंकी ठिकाने का लगा पता

Next Post
बीएसएफ, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस को संयुक्त ऑपरेशन में म‍िली बड़ी कामयाबी, आतंकी ठिकाने का लगा पता

बीएसएफ, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस को संयुक्त ऑपरेशन में म‍िली बड़ी कामयाबी, आतंकी ठिकाने का लगा पता

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Mochan Samachaar

We bring you the best Premium WordPress Themes that perfect for news, magazine, personal blog, etc. Check our landing page for details.

Follow Us

Browse by Category

  • खेल
  • देश
  • धर्म
  • बंगाल
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • स्‍वास्‍थ्‍य

Recent News

MCCI ने पश्चिम बंगाल के लिए सर्वांगीण विकास वाले बजट का किया स्वागत

MCCI ने पश्चिम बंगाल के लिए सर्वांगीण विकास वाले बजट का किया स्वागत

22/06/2026
पश्चिम बंगाल राज्य बजट 2026-27 को उद्योग जगत ने सराहा

पश्चिम बंगाल राज्य बजट 2026-27 को उद्योग जगत ने सराहा

22/06/2026
  • Contact Us
  • Home 2
  • Home 3
  • Home 4
  • Home 5
  • Home 6
  • Latest Hindi News | बंगाल | देश | Mochan Samachaar | Live Update

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

No Result
View All Result
  • Contact Us
  • Home 2
  • Home 3
  • Home 4
  • Home 5
  • Home 6
  • Latest Hindi News | बंगाल | देश | Mochan Samachaar | Live Update

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.