• Contact Us
Saturday, October 31, 2026
  • Login
Mochan Samachaar
  • होम
  • बंगाल
  • देश
    • असम
    • बंगाल
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • खेल
  • धर्म
  • स्‍वास्‍थ्‍य
  • संपर्क करें
No Result
View All Result
  • होम
  • बंगाल
  • देश
    • असम
    • बंगाल
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • खेल
  • धर्म
  • स्‍वास्‍थ्‍य
  • संपर्क करें
No Result
View All Result
Mochan Samachaar
No Result
View All Result
Home देश

हर निजी संपत्ति नहीं ले सकती सरकार : सुप्रीम कोर्ट

Mochan Samachaar Desk by Mochan Samachaar Desk
05/11/2024
in देश
0
SUPREME COURT ने बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में सरकारी अधिकारियों के खिलाफ CBI जांच पर लगा दी रोक
0
SHARES
5
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सरकार द्वारा निजी संपत्ति (private property) अधिग्रहण पर बड़ा फैसला सुनाया है। दरअसल, क्या सरकार को निजी संपत्ति का अधिग्रहण कर उसका दोबारा वितरण करने का अधिकार है। इस सवाल पर सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की बेंच ने 8: 1 के बहुमत से कहा कि हर निजी संपत्ति को सामुदायिक संपत्ति कह कर अधिग्रहण नहीं कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि संपत्ति की स्थिति, सार्वजनिक हित में उसकी जरूरत और उसकी कमी जैसे सवालों पर विचार जरूरी है।

निजी स्वामित्व को राज्य द्वारा अधिग्रहित नहीं किया जा सकता 

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कृष्ण अय्यर के पिछले फैसले को बहुमत से खारिज कर दिया, जिसमें सभी निजी स्वामित्व वाले संसाधनों को राज्य द्वारा अधिग्रहित किया जा सकता है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि सभी निजी स्वामित्व वाले संसाधनों को राज्य द्वारा अधिग्रहित नहीं किया जा सकता है। भले ही राज्य उन संसाधनों पर दावा कर सकता है जो सामग्री हैं और समुदाय द्वारा सार्वजनिक भलाई के लिए हैं।

सभी निजी सम्पति समुदाय के भौतिक संसाधन नहीं

कोर्ट ने कहा कि 42वें संशोधन की धारा चार का उद्देश्य अनुच्छेद 39बी को निरस्त करना और उसी समय प्रतिस्थापित करना था। सभी निजी सम्पति समुदाय के भौतिक संसाधन नहीं हो सकते। हालांकि कुछ सम्पति भौतिक संसाधन हो सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि 1960 और 70 के दशक में समाजवादी अर्थव्यवस्था की ओर झुकाव था लेकिन 1990 के दशक से बाजार उन्मुख अर्थव्यवस्था की ओर ध्यान केंद्रित किया गया। भारत की अर्थव्यवस्था की दिशा किसी विशेष प्रकार की अर्थव्यवस्था से दूर है बल्कि इसका उद्देश्य विकासशील देश की उभरती चुनौतियों का सामना करना है। पिछले 30 सालों में गतिशील आर्थिक नीति अपनाने से भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है।

नौ सदस्यीय संविधान बेंच में ये जस्टिस रहे शामिल

चीफ जस्टिस ने कहा कि वह जस्टिस अय्यर के इस विचार से सहमत नहीं है कि निजी व्यक्तियों की संपत्ति सहित हर संपत्ति को सामुदायिक संसाधन कहा जा सकता है। नौ सदस्यीय संविधान बेंच में चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस हृषिकेश राय, जस्टिस बीवी नागरत्ना, जस्टिस सुधांशु धूलिया, जस्टिस जेबी पारदीवाला, जस्टिस मनोज मिश्रा ,जस्टिस राजेश बिंदल, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह थे। नौ जजों की बेंच में आठ जजों ने उपरोक्त फैसला सुनाया है जबकि जस्टिस बीवी नागरत्ना ने इन जजों से विपरीत फैसला सुनाया।

Tags: private propertysupreme court
Previous Post

MSMEs और Start-ups रक्षा उद्योग की विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला को देंगे बढ़ावा : राज्य मंत्री

Next Post

06 नवम्बर 2024 पंचांग और राशिफल

Next Post
12 अगस्त 2024, आज का पंचांग और राशिफल

06 नवम्बर 2024 पंचांग और राशिफल

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Facebook Twitter Youtube
Mochan Samachaar

We bring you the best Premium WordPress Themes that perfect for news, magazine, personal blog, etc. Check our landing page for details.

Follow Us

Browse by Category

  • खेल
  • देश
  • धर्म
  • बंगाल
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • स्‍वास्‍थ्‍य

Recent News

ब्रेथवेट एंड कंपनी लिमिटेड में विश्व स्ट्रोक दिवस पर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

ब्रेथवेट एंड कंपनी लिमिटेड में विश्व स्ट्रोक दिवस पर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

30/10/2026
अभिषेक बनर्जी चिकित्सा कारणों से संगठन से ले रहे हैं कुछ समय के लिए ब्रेक

चोरबागान पूजा पंडाल भगदड़ : आयोजकों की भूमिका की हो निष्पक्ष जांच : टीएमसी सांसद अभिषेक

29/10/2026
No Result
View All Result
  • होम
  • बंगाल
  • देश
    • असम
    • बंगाल
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • खेल
  • धर्म
  • स्‍वास्‍थ्‍य
  • संपर्क करें

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In