कोलकाता : नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उपक्रम–2), कोलकाता के तत्वावधान में अध्यक्षीय कार्यालय, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, केंद्रीय विपणन संगठन मुख्यालय के सम्मेलन कक्ष में दिनांक 07 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को “प्रौद्योगिकी के प्रसार में हिन्दी की भूमिका एवं हिन्दी आईटी टूल्स का अनुप्रयोग” विषय पर एक विशेष तकनीकी संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ एवं दुबई स्थित एल्गो टेक्नोलॉजीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. बालेंदु शर्मा दाधीच ने अपने उद्बोधन में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) शोध एवं ज्ञान-विस्तार के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी और प्रभावी सहयोगी है, किंतु यह मानव की मौलिक सोच, रचनात्मकता तथा विश्लेषण क्षमता का स्थान नहीं ले सकती। उन्होंने शोधकर्ताओं से आह्वान किया कि वे एआई का उपयोग सहयोगी साधन के रूप में करें, न कि अपनी स्वतंत्र चिंतन-शक्ति के विकल्प के रूप में। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्ववर्ती कृत्रिम बुद्धिमत्ता मुख्यतः उपलब्ध सूचनाओं की खोज तक सीमित थी, जबकि वर्तमान सृजनात्मक कृत्रिम बुद्धिमत्ता संदर्भ को समझते हुए नए विचार, विश्लेषण और सामग्री तैयार करने में सक्षम है। इस दौरान उन्होंने चैटजीपीटी, गूगल जेमिनी, परप्लेक्सिटी, क्लाउड तथा ग्रोक जैसे प्रमुख एआई मंचों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इनसे उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने के लिए उपयोगकर्ता द्वारा स्पष्ट एवं सटीक निर्देश (प्रॉम्प्ट) देना अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के सदस्य सचिव श्री प्रशांत ओझा के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने मुख्य वक्ता डॉ. बालेंदु शर्मा दाधीच एवं राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के उपनिदेशक (कार्यान्वयन) डॉ. विचित्रसेन गुप्त तथा उपस्थित सभी प्रबुद्ध प्रतिभागियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष एवं सेल, केंद्रीय विपणन संगठन के कार्यपालक निदेशक श्री सुरेंद्र कुमार शर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि राजभाषा हिन्दी का स्वरूप अब केवल प्रशासनिक पत्राचार और कार्यालयीन कार्यों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, न्यूरल मशीन अनुवाद, वॉइस टाइपिंग तथा विविध डिजिटल प्रौद्योगिकियों के माध्यम से हिन्दी वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना रही है। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी परिवेश में हिन्दी के प्रभावी उपयोग हेतु आधुनिक आईटी उपकरणों का ज्ञान समय की आवश्यकता है।

संगोष्ठी में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उपक्रम–2), कोलकाता से संबद्ध विभिन्न सदस्य कार्यालयों के लगभग 52 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान से लाभान्वित हुए। इस अवसर पर भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के उपनिदेशक (कार्यान्वयन) डॉ. विचित्रसेन गुप्त तथा आईआईटी खड़गपुर के वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी एवं आईटी विशेषज्ञ डॉ. राजीव रावत भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संयोजन सेल, केंद्रीय विपणन संगठन के महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री संजित कुमार दास के मार्गदर्शन में हुआ। अंत में राजभाषा अधिकारी श्री अजय शंकर मिश्र ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
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