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Government e Marketplace ने इस वित्त वर्ष के 11 महीनों के भीतर जीएमवी में 3 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रचा, सारे रिकॉर्ड टूटे

वित्त वर्ष 23-24 में राज्यों से जीईएम ऑर्डर वैल्यू 56 प्रतिशत बढ़कर 49,302 करोड़ रुपये हुई

Mochan Samachaar Desk by Mochan Samachaar Desk
14/02/2024
in देश, व्‍यापार
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Government e Marketplace  ने इस वित्त वर्ष के 11 महीनों के भीतर जीएमवी में 3 लाख करोड़ का रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रचा, सारे रिकॉर्ड टूटे
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नई दिल्ली  :  इस वित्त वर्ष की चौथी और आखिरी तिमाही अभी भी समाप्त होनी बाकी है और इंटीग्रेटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म गर्वनमेंट ई मार्केटप्लेस (जीईएम) ने 3 लाख करोड़ रुपये का सकल व्यापारिक मूल्य (जीएमवी) दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष के अंत में दर्ज कुल जीएमवी यानी 2 लाख करोड़ रुपये से काफी अधिक है। सार्वजनिक खरीद में इस अग्रणी, गर्वनमेंट ई-मार्केटप्लेस ने एक प्रभावशाली उपलब्धि हासिल करके एक बार फिर इतिहास रच दिया है। पीआईबी द्वारा जारी प्रेस व‍िज्ञप्‍त‍ि के अनुसार (According to the press release issued by PIB)

इसके अलावा, इस अवधि के दौरान दैनिक औसत जीएमवी लेनदेन मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो वित्त वर्ष 22-23 में 504 करोड़ रुपये से बढ़कर 12 फरवरी, 2024 तक 914 करोड़ रुपये हो गई है।

Scaling new heights year on year!

Government e Marketplace (GeM) has crossed a monumental milestone by surpassing a staggering value of ₹3 Lakh Crore in Gross Merchandise Value (GMV) in the current financial year (as of February 12, 2024).

This incredible achievement… pic.twitter.com/kx2T3fs0t6

— GeM (@GeM_India) February 12, 2024

सार्वजनिक खरीद में अग्रणी जीईएम की परिकल्पना हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ को बढ़ावा देने के मिशन के साथ की गई थी। 2016 में इसकी शुरुआत के बाद से, जीईएम ने सार्वजनिक खरीद के परिदृश्य में क्रांति ला दी है। इसने केंद्रीय/राज्य मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, पंचायतों और सहकारी समितियों द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए एक पारदर्शी और कुशल ऑनलाइन बुनियादी ढांचा प्रदान किया है।

12 फरवरी, 2024 तक, जीईएम देश भर में 20 लाख से अधिक विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं को 3 लाख से अधिक सरकारी खरीदारों (प्राथमिक और द्वितीयक खरीदारों) के साथ सीधे जोड़ता है। सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में सभी हितधारकों को डिजिटल रूप से एकीकृत करके, जीईएम ने सरकारी खर्च में मिलीभगत, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी जैसी नुकसानदेह प्रथाओं को समाप्त कर दिया है, जिससे सार्वजनिक वित्त में अधिक पारदर्शिता आई है। यह प्लेटफ़ॉर्म वर्तमान में देश भर में सरकारी खरीदारों की सभी जटिल और गतिशील आवश्यकताओं को कवर करने वाली पेशकशों के साथ 12,200 से अधिक उत्पादों और सेवाओं की श्रेणियों को प्रदर्शित करता है।

GeM crosses ₹3 Lakh Crore in GMV in the current financial year (as of February 12, 2024)!

On this momentous occasion, Sh. P.K. Singh, CEO-GeM, shares a special message to celebrate this incredible milestone and express his gratitude to stakeholders in this remarkable journey!… pic.twitter.com/mprQhDBwIc

— GeM (@GeM_India) February 12, 2024

जीईएम पर सेवा क्षेत्र में विशेष रूप से अभूतपूर्व उछाल आया है, जो इसकी सफलता और इसकी तेजी से वृद्धि के पीछे एक महत्वपूर्ण शक्ति साबित हुआ है। पिछले 3 वर्षों में, जीईएम ने रणनीतिक रूप से अपनी सेवाओं का विस्तार किया है, जिसके परिणामस्वरूप सेवाओं की खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 22-23 में खरीद लगभग 66,000 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 23-24 में 1,30,984 करोड़ रुपये (12 फरवरी तक) 2024) हो गई है। खासतौर पर, जीईएम के जीएमवी में सेवा क्षेत्र का योगदान पिछले वर्ष की तुलना में 98 प्रतिशत बढ़ गया है, इस वित्त वर्ष के अंत तक सेवाओं की खरीद 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है।

इस वित्त वर्ष में, विभिन्न सरकारी निकायों तक पहुंचने के और जीएएम के माध्यम से सार्वजनिक खरीद प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी को अधिकतम करने के लिए ठोस प्रयास किए गए। जबकि केंद्रीय संस्थाओं ने वर्तमान जीएमवी में 82 प्रतिशत का योगदान दिया है, राज्यों की बढ़ती भागीदारी ने मंच के विकास को गति दी है। राज्यों ने वित्त वर्ष 23-24 में कुल मिलाकर 49,302 करोड़ रुपये के ऑर्डर दिए हैं, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 56 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। यह उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और दिल्ली जैसे विभिन्न राज्यों द्वारा अपनी सार्वजनिक खरीद में लागत-दक्षता हासिल करने के लिए मंच की क्षमताओं पर दिए गए अपार भरोसे का संकेत है। इस अवधि के दौरान ऑर्डर मूल्य के मामले में ये राज्य प्लेटफ़ॉर्म पर शीर्ष खरीदार के रूप में उभरे हैं।

We did it!

Today, we celebrate a monumental achievement at Government e Marketplace (GeM).

We have surpassed ₹3 Lakh Crore Gross Merchandise Value (GMV) milestone!

This incredible feat is the result of the collective effort of every team member and stakeholder of the GeM… pic.twitter.com/k13q0uJNXJ

— GeM (@GeM_India) February 12, 2024


इसके अलावा, पिछले साल, जीईएम ने पंचायती राज संस्थानों और सहकारी समितियों को खरीदारों के रूप में पंजीकृत करने के लिए एक व्यापक ऑनबोर्डिंग ड्राइव शुरू की, उन्हें अपने व्यापक नेटवर्क के भीतर महत्वपूर्ण हितधारकों के रूप में स्वीकार किया। ई-ग्राम स्वराज के साथ एकीकरण के माध्यम से, जीईएम ने जमीनी स्तर पर खरीदारों और विक्रेताओं के साथ जुड़ाव को बढ़ावा दिया, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 70,000 से अधिक पंचायतों और 660 से अधिक सहकारी समितियों द्वारा 265 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया है। जीईएम पर उनकी सक्रिय भागीदारी व्यापार संचालन में आसानी का प्रमाण है, जो एक इंटीग्रेटेड डिजिटल इकोसिस्टम के माध्यम से सुनिश्चित की गई है जिसे कभी भी, कहीं से भी एक्सेस किया जा सकता है।

जीईएम का समावेशी दृष्टिकोण इसकी सफलता में एक प्रमुख चालक है, जो कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों, विशेष रूप से महिलाओं के नेतृत्व वाले और एससी/एसटी सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों, स्वयं सहायता समूहों , किसान उत्पादक संगठनों और स्टार्टअप्स जैसे मार्जिनलाइज्ड सेलर सेगमेंट को पूरा करता है। विविधता और समावेशिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई नीतियों ने घरेलू व्यवसायों के लिए एक समान अवसर प्रदान किया है, जिसमें मंच के माध्यम से किए गए कुल ऑर्डर मूल्य का लगभग 50 प्रतिशत एमएसई को दिया जाता है। अपनी शुरुआत के बाद से, जीईएम ने सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को लगभग 3.27 लाख करोड़ रुपये का कारोबार प्रदान किया है। इसमें से 22,200 करोड़ रुपये के ऑर्डर अकेले महिला नेतृत्व वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों द्वारा पूरे किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, “एक जिला, एक उत्पाद” बाज़ार के तहत 392 नई श्रेणियां बनाई गई हैं, जो सूचीबद्ध उत्पादों के लिए विजिबिलिटी बढ़ाती हैं और भारत की कला और शिल्प को राष्ट्रव्यापी मंच पर अधिक पहचान प्रदान करती हैं।

सही खूबियों, क्षमताओं और दक्षताओं का विस्तार करके, पोर्टल ने देश के वित्तीय स्वास्थ्य से समझौता किए बिना अपने वेलफेयर खर्च को बढ़ाने में सरकार की सहायता की है। बहुत कम समय में, जीईएम ने सफलतापूर्वक एक ऐसा बुनियादी ढांचा स्थापित किया है जो न केवल डेटा एकत्र करता है बल्कि सभी हितधारकों के लिए सार्वजनिक खरीद प्रक्रियाओं की शुरू से अंत तक की गतिविधियों को भी सुविधाजनक बनाता है। जीईएम की निरंतर सफलता भारत के सार्वजनिक खरीद क्षेत्र में सार्वजनिक खरीद में क्रांति लाने, पारदर्शिता, दक्षता और समावेशिता लाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है।

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