कोलकाता : चार साल पहले शुरू की गई यस बैंक की पहल ‘सोबर पूजो, दुर्गा पूजो’ इस वर्ष अपने चौथे संस्करण में पहुंच गई है। इस पहल का उद्देश्य पश्चिम बंगाल के जरूरतमंद बच्चों को दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर नए कपड़े पहनने की खुशी देना है। इस वर्ष इस पहल के तहत राज्यभर में 12,000 जरूरतमंद बच्चों को लाभ पहुंचाया गया। यस बैंक ने सत्यम रॉयचौधरी फाउंडेशन और रोटरी क्लब ऑफ कलकत्ता मेट्रोपॉलिटन ईस्ट के साथ मिलकर कोलकाता के जी.डी. बिड़ला सभागार में कपड़ों के वितरण समारोह का आयोजन किया।
रोटेरियन श्यामाश्री सेन, पास्ट डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रोटरी एवं डिस्ट्रिक्ट लिटरेसी चेयर, मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुईं।। कार्यक्रम में स्कूलों के प्रधानाचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रतिनिधि, सामुदायिक नेता, रोटरी क्लब ऑफ कलकत्ता मेट्रोपॉलिटन ईस्ट के पदाधिकारी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

इस वर्ष जरूरतमंद बच्चों के बीच 12,000 से अधिक नए कपड़े वितरित किए गए। यह संख्या 2025 में 9,000 और 2024 में 4,700 थी। पश्चिम बंगाल में बैंक के कर्मचारियों, स्कूलों, एनजीओ, कॉरपोरेट साझेदारों, हाउसिंग सोसाइटियों, स्थानीय क्लबों और व्यक्तिगत दानदाताओं ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया। इसके चलते ‘सबर पूजो, दुर्गा पूजो’ अब उनके लिए भी हर साल की पूजा परंपरा का हिस्सा बन गया है।
पिछले चार वर्षों से चल रहा यह सामुदायिक कार्यक्रम बंगाली विरासत और पूजा के दौरान नए कपड़े पहनने की सदियों पुरानी परंपरा ‘नूतन जामा’ को सम्मान दे रहा है। ‘सबर पूजो, दुर्गा पूजो’ यस बैंक की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी भी बच्चे को पश्चिम बंगाल के सबसे लोकप्रिय त्योहार की खुशियों से दूर न करें। आने वाले वर्षों में बैंक इस पहल को और विस्तार देने की योजना बना रहा है, ताकि हर दुर्गा पूजा पर अधिक से अधिक बच्चों तक इसका लाभ पहुंचाया जा सके और जिन समुदायों के बीच वह काम करता है, वहां लंबे समय तक सकारात्मक प्रभाव पैदा किया जा सके।
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