इस वर्ष शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी. बता दें 10 अक्टूबर को महालया के साथ पितृ पक्ष की समाप्ति हो रही है. अगले दिन रविवार को घटस्थापना के साथ मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का सिलसिला शुरू हो जाएगा. जिसे लेकर सभी राज्यों में हर्ष उल्लास का माहौल है लेकिन कोलकाता में इसकी विशेष तैयारी है.लगभग सभी पंडाल सज कर तैयार हो गए हैं. नवरात्रि का समापन 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा के साथ होगा. इस वर्ष नवरात्र की प्रमुख तिथियां:__
11 अक्टूबर – प्रतिपदा, घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा
12 अक्टूबर – द्वितीया, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
13 अक्टूबर – तृतीया, मां चंद्रघंटा की पूजा
14 अक्टूबर – चतुर्थी, मां कूष्मांडा की पूजा
15 अक्टूबर – पंचमी, मां स्कंदमाता की पूजा
16 अक्टूबर – षष्ठी, मां कात्यायनी की पूजा
17 अक्टूबर – सप्तमी, मां कालरात्रि की पूजा
19 अक्टूबर – दुर्गा अष्टमी और महानवमी से जुड़े अनुष्ठान
20 अक्टूबर – विजयादशमी और दशहरा
2026 में तिथि के संयोग के कारण दुर्गा अष्टमी और महानवमी के अनुष्ठान 19 अक्टूबर को पड़ रहे हैं. पंचांग के अनुसार इसी दिन अष्टमी और नवमी से जुड़े पूजा-अनुष्ठान किए जाएंगे. इसके अगले दिन 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी. बता दें नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. पहले दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कूष्मांडा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन कात्यायनी, सातवें दिन कालरात्रि, आठवें दिन महागौरी और नवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है.
धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्र के दौरान शक्ति की आराधना करने से व्यक्ति को साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है. भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार उपवास रखते हैं. मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं.
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