नयी दिल्ली : रेलवे बोर्ड के तीन सितंबर के एक पत्र के अनुसार, कोलकाता मेट्रो में परिचालन संबंधी कुल 427 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 306 कर्मचारी ही काम कर रहे हैं। इस तरह 121 पद खाली हैं और परिचालन संबंधी कर्मचारियों की संख्या में 28.34 प्रतिशत कमी है। रेलवे बोर्ड ने कोलकाता मेट्रो में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट के 28 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त होने के कारण दैनिक परिचालन में आ रही गंभीर चुनौतियों के मद्देनजर उसे दूसरे रेलवे जोन (विशेषकर पूर्वी रेलवे और दक्षिण पूर्वी रेलवे) से मांगकर कर्मचारियों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।
पत्र में कहा गया है, ‘‘परिचालन संबंधी इन 306 कर्मचारियों में से 164 पूर्वी रेलवे और 80 दक्षिण पूर्वी रेलवे से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। इस तरह कुल 244 कर्मचारी इन दोनों जोन से आए हैं। शेष कर्मचारी स्थायी रूप से समाहित किए गए हैं या दूसरे रेलवे जोन के परिचालन संबंधी कर्मचारी हैं।’’ रेलवे बोर्ड ने मोटरमैन और शंटर सहित परिचालन कर्मचारियों की मौजूदा संख्या की समीक्षा के लिए दो सितंबर को नयी दिल्ली में बैठक की थी।
मेट्रो ट्रेन चलाने वाले मोटरमैन यात्री और मालगाड़ियों में लोको पायलट की जिम्मेदारी निभाते हैं, जबकि मेट्रो में शंटिंग कार्य में मदद करने वाले शंटर सहायक लोको पायलट का काम करते हैं। दोनों परिचालन संबंधी कर्मचारियों की व्यापक श्रेणी में आते हैं। बोर्ड ने पाया कि मोटरमैन के 396 स्वीकृत पदों में से 282 और शंटर के 31 स्वीकृत पदों में से 24 पद भरे हुए थे।
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