• Contact Us
Friday, November 6, 2026
  • Login
Mochan Samachar
  • होम
  • बंगाल
  • देश
    • असम
    • बंगाल
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • खेल
  • धर्म
  • स्‍वास्‍थ्‍य
  • संपर्क करें
No Result
View All Result
  • होम
  • बंगाल
  • देश
    • असम
    • बंगाल
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • खेल
  • धर्म
  • स्‍वास्‍थ्‍य
  • संपर्क करें
No Result
View All Result
Mochan Samachar
No Result
View All Result
Home देश

कार्ल एरिक मुलर के लिथोग्राफ अपने समय के समाज के लिए दर्पण का कार्य करते हैं: दत्तात्रेय आप्टे

IGNCA में कार्ल एरिक मुलर के लिथोग्राफ की प्रदर्शनी का आयोजन

Mochan Samachar by Mochan Samachar
02/05/2024
in देश
0
कार्ल एरिक मुलर के लिथोग्राफ अपने समय के समाज के लिए दर्पण का कार्य करते हैं: दत्तात्रेय आप्टे
0
SHARES
8
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली  : Indira Gandhi National Center for the Arts (IGNCA) के संरक्षण और अभिलेखागार प्रभाग ने अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस के अवसर पर ‘पीपल एंड प्लेसेज ऑफ इंडिया- ए रेट्रोस्पेक्ट’ नामक एक प्रदर्शनी का आयोजन किया। प्रदर्शनी में आईजीएनसीए अभिलेखागार से कार्ल एरिक मुलर के लिथोग्राफ को प्रदर्शित किया जाएगा। आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई, जबकि प्रतिष्ठित लिथोग्राफी और प्रिंटमेकिंग कलाकार श्री दत्तात्रेय आप्टे कार्यक्रम के सम्मानित अतिथि थे।

प्रदर्शनी का उद्घाटन डॉ सच्चिदानंद जोशी और श्री दत्तात्रेय आप्टे द्वारा किया गया था, साथ ही कार्ल एरिक मुलर के कार्यों को प्रदर्शित करता हुआ एक कैटलॉग भी जारी किया गया।

अपने संबोधन में श्री आप्टे ने अपनी कलात्मक कृतियों के माध्यम से एरिक मूलर के साथ गहरे जुड़ाव की भावना व्यक्त की। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे मुलर के लिथोग्राफ लोगों और उनके दैनिक जीवन के गहन अवलोकन के प्रतिबिंब हैं, जो उनके युग के समाज की एक मार्मिक झलक पेश करते हैं। उनका काम, उनके समय के समाज के लिए एक दर्पण के रूप में काम करते हुए, अभिलेखीय मूल्य रखता है, अपने युग के सार को समाहित करते हुए अपनी कला के माध्यम से भावनाओं का विशद प्रतिनिधित्व करता है। समाजवाद से प्रभावित, मुलर ने अपने समय की चुनौतियों को गहराई से देखा और भोगा और उसे उन्होंने अपनी कला के माध्यम से चित्रित किया। श्री दत्तात्रेय आप्टे ने व्यक्तिगत अनुभवों को शक्तिशाली कलात्मक अभिव्यक्तियों में अनुवाद करने की कलाकार की क्षमता को रेखांकित किया।

डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने अपने संबोधन में लिथोग्राफ की विशिष्टता, दुर्लभता और सार तत्व को व्यक्त किया, इस बात पर जोर दिया कि वे सामान्य जीवन के सार को कैसे समाहित करते हैं। यह दिखाते हुए कि कार्ल एरिक मुलर अपने लिथोग्राफ के माध्यम से इस गहन शिक्षण को कैसे संप्रेषित करते हैं, उन्होंने दोहराया कि सभी अभिव्यक्तियों को प्रचुर संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती है। डॉ. जोशी ने सांस्कृतिक कलाकृतियों के भंडार के रूप में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के महत्व पर जोर दिया और इस प्रदर्शनी में स्पष्ट सूक्ष्मता के साथ इसे क्यूरेट करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने इस तरह की प्रासंगिक प्रदर्शनी को क्यूरेट करने में उनके प्रयासों के लिए संरक्षण और अभिलेखागार टीम की सराहना की और सभी को सोशल मीडिया के माध्यम से इसके बारे में जानकारी फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. जोशी ने सभी आयु वर्ग के लोगों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र में और अधिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए अपनी बात समाप्त की।

उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में कलानिधि डिवीजन के प्रमुख और डीन (प्रशासन), श्री रमेश चंद्र गौड़, संस्कृति फाउंडेशन के ट्रस्टी, वरुण जैन, और आईजीएनसीए के पुरालेखपाल डॉ कुमार संजय झा शामिल थे।

प्रोफेसर रमेशचंद्र गौर ने अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस के अवसर पर हार्दिक बधाई देते हुए, इस तरह की व्यावहारिक प्रदर्शनी के आयोजन के लिए संरक्षण और अभिलेखागार प्रभाग की टीम की सराहना की। उन्होंने कला और संस्कृति को समर्पित 45 से अधिक संग्रह वाले आईजीएनसीए के सांस्कृतिक अभिलेखागार के अपार महत्व पर प्रकाश डाला। प्रो गौड़ ने जोर देकर कहा कि इस तरह की प्रदर्शनियां इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के अभिलेखागार को जनता के लिए सुलभ बनाने उल्लेखनीय प्रयास के रूप में कार्य करती हैं। कार्ल एरिक मुलर के कार्यों के बारे में बोलते हुए, उन्होंने अपने युग के ऐतिहासिक आख्यान के रूप में उनकी भूमिका पर बल देते हुए कहा कि ये यथार्थ का एक वास्तविक चित्रण प्रस्तुत करती हैं जो पक्षपाती ऐतिहासिक लेखनों के विपरीत है।

डॉ. कुमार संजय झा ने संरक्षण और अभिलेखागार प्रभाग के साथ अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस को चिह्नित करते हुए प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि कार्ल एरिक मुलर के 20 मूल लिथोग्राफ के प्रदर्शन को पर्यटक दृष्टिकोण, मंदिरों और विरासत, चित्रांकन और गांव के त्योहारों जैसे विषयों में वर्गीकृत किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि कार्ल एरिक मुलर, हाले स्कूल से जुड़े एक प्रमुख जर्मन कलाकार और विश्व स्तर पर अपनी ‘समाजवादी यथार्थवाद’ शैली के लिए जाने जाते हैं, का भारत के साथ गहरा संबंध था, जो बंगाल स्कूल और शांतिनिकेतन से प्रभावित था। उन्होंने के. के. हेब्बार और ललिता लाजमी जैसे भारतीय कलाकारों के साथ एरिक मुलर की मेल-जोल का भी उल्लेख किया, उनके साथ मिलकर उन्होंने पोर्ट्रेट बनाने के लिए सहयोग किया। साथ ही, उनकी पुस्तक ‘मीन इंडियन’ में इकतीस लिथोग्राफ को प्रदर्शित किया गया। मुलर की कृतियाँ 1970 के दशक में रोजमर्रा की जिंदगी के विभिन्न पहलुओं को दर्शाती हैं, जिनमें मजदूर, परिवहन श्रमिक, कारखाने के कर्मचारी और अपने प्राकृतिक वातावरण में मछुआरे शामिल हैं। ये कार्य आईजीएनसीए, एनजीएमए और भारत कला भवन में रखे गए हैं।

……………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………

Tags: Carl Eric Muller's lithographs act as a mirror to the society of his time: Dattatreya ApteIndira Gandhi National Center for the Arts (IGNCA)कार्ल एरिक मुलर के लिथोग्राफ अपने समय के समाज के लिए दर्पण का कार्य करते हैं: दत्तात्रेय आप्टे
Previous Post

India और New Zealand फार्मा, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों सहित अन्य क्षेत्रों में गहन द्विपक्षीय करेंगे सहयोग

Next Post

पहलवानों के यौन शोषण के आरोपी बृजभूषण सिंह का कटा टिकट, बेटे को मिला

Next Post
पहलवानों के यौन शोषण के आरोपी बृजभूषण सिंह का कटा टिकट, बेटे को मिला

पहलवानों के यौन शोषण के आरोपी बृजभूषण सिंह का कटा टिकट, बेटे को मिला

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Facebook Twitter Youtube
Mochan Samachar

We bring you the best Premium WordPress Themes that perfect for news, magazine, personal blog, etc. Check our landing page for details.

Follow Us

Browse by Category

  • खेल
  • देश
  • धर्म
  • बंगाल
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • स्‍वास्‍थ्‍य

Recent News

चक्रवात ‘अर्नब’ : बंगाल के कई हिस्सों में 31 अक्टूबर तक हो सकती है भारी बारिश : आईएमडी

भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का पश्चिम बंगाल पर कोई असर पड़ने की संभावना नहीं : मौसम विभाग

02/11/2026
कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रही विदेशी ताकतों के हाथों की कठपुतली हैं : भाजपा अध्यक्ष

कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रही विदेशी ताकतों के हाथों की कठपुतली हैं : भाजपा अध्यक्ष

02/11/2026
No Result
View All Result
  • होम
  • बंगाल
  • देश
    • असम
    • बंगाल
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • खेल
  • धर्म
  • स्‍वास्‍थ्‍य
  • संपर्क करें

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In