• Contact Us
Tuesday, November 3, 2026
  • Login
Mochan Samachar
  • होम
  • बंगाल
  • देश
    • असम
    • बंगाल
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • खेल
  • धर्म
  • स्‍वास्‍थ्‍य
  • संपर्क करें
No Result
View All Result
  • होम
  • बंगाल
  • देश
    • असम
    • बंगाल
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • खेल
  • धर्म
  • स्‍वास्‍थ्‍य
  • संपर्क करें
No Result
View All Result
Mochan Samachar
No Result
View All Result
Home देश

वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को विकसित करके भारत को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है: महानिदेशक डॉ. एन कलैसेल्वी

एनआईओ ने गहरे समुद्र के अध्ययन के लिए पानी के नीचे काम करने वाले मानव रहित वाहन को लॉन्च किया

Mochan Samachar by Mochan Samachar
30/01/2024
in देश
0
वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को विकसित करके भारत को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है: महानिदेशक डॉ. एन कलैसेल्वी
0
SHARES
9
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

नई दिल्ली : वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की महानिदेशक डॉ. एन कलैसेल्वी ने कहा कि सीएसआईआरस्वदेशी प्रौद्योगिकियों को विकसित करके भारत को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। पीआईबी द्वारा जारी प्रेस व‍िज्ञप्‍त‍ि के अनुसार वह कल (29 जनवरी 2024) वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय समुद्र-विज्ञान संस्थान (सीएसआईआर-एनआईओ), डोना पाउला, पणजी में ‘आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सीएसआईआर की भूमिका’ पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बोल रही थीं।

”सीएसआईआर, देश भर में अपनी 37 प्रयोगशालाओं के माध्यम से, अपने अनुसंधान और विकास के सभी क्षेत्रों में शामिल है, ताकि प्रौद्योगिकियों के स्वदेशीकरण के लिए आत्मनिर्भरता लाई जा सके और जिसके द्वारा इस मामले में देश को आने वाले वर्षों में आत्मनिर्भर बनाया जाना सुनिश्चित किया सके। उन्होंने कहा कि इस बात के लिए प्रकृति को धन्यवाद दिया जाना चाहिए कि इस मिशन को हासिल करने के लिए भारत के पास सभी कच्चे माल के स्रोत हैं।”

डॉ. एन कलैसेल्वी, जो वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग की सचिव भी हैं, ने कहा कि देश को अपनी वर्तमान और भविष्य की वैज्ञानिक आवश्यकताओं के लिए स्वयं को तैयार करना होगा, क्योंकि आज दुनिया अप्रत्याशित तरीके से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ”इसलिए, सीएसआईआर ने पहले ही प्राथमिकता दी है कि उसके तत्वावधान में होने वाले किसी भी शोध में स्वदेशीकरण नामक एक घटक होना चाहिए।”

सीएसआईआर की आत्मनिर्भर पहलों की सफलता की कहानियों के बारे में बात करते हुए, डॉ. कलैसेल्वी ने कहा कि सीएसआईआर की इस वर्ष की गणतंत्र दिवस की झांकी ने जम्मू और कश्मीर में लैवेंडर की खेती के माध्यम से शुरू हुई बैंगनी क्रांति की शुरुआत पर रोशनी डाली थी। सीएसआईआर के वैज्ञानिक हस्तक्षेपों से लैवेंडर की खेती में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और प्रयोगशाला से बाजार तक लैवेंडर उत्पाद की पहुंच बढ़ी है और जम्मू-कश्मीर में कई कृषि-स्टार्ट-अप का निर्माण हुआ है। सीएसआईआर ने जम्मू-कश्मीर के समशीतोष्ण क्षेत्रों में खेती के लिए उपयुक्त लैवेंडर की एक विशिष्ट किस्म विकसित की और किसानों को मुफ्त पौधे और एंड-टू-एंड कृषि-प्रौद्योगिकियां प्रदान कीं तथा जम्मू-कश्मीर के कई क्षेत्रों में आवश्यक तेल निकालने के लिए आसवन इकाइयां भी स्थापित कीं। जम्मू-कश्मीर में लैवेंडर की खेती की सफलता ने इसको उपनाम ‘बैंगनी क्रांति’ अर्जित कराया।

झांकी में, कृषि-यांत्रिक प्रौद्योगिकी के तहत, सीएसआईआर द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित भारत के पहले महिला अनुकूल, कॉम्पैक्ट, बिजली से चलने वाले ट्रैक्टर प्राइमा ईटी11 को भी प्रदर्शित किया गया था।

”हम वैज्ञानिक बिरादरी से हैं। हम बस एक प्रौद्योगिकी को किसी स्टार्टअप को सौंप सकते हैं। एक बार प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण होने के बाद, इसे बड़ी ऊंचाइयों तक पर ले जाना स्टार्टअप की जिम्मेदारी बन जाती है। लेकिन हम ऐसा नहीं कर रहे हैं। सीएसआईआर स्टार्टअप्स की मदद करता है और उनकी पूरी यात्रा में उनके साथ चलता है। जम्मू-कश्मीर में 300 से अधिक कृषि-स्टार्टअप को सीएसआईआर द्वारा एक दूरस्थ मिशन के रूप में समर्थन दिया जा रहा है। डीजी ने आगे कहा कि सीएसआईआर का एक छोटा सा योगदान, अब जम्मू-कश्मीर के लोगों को एक बड़ा आत्मविश्वास दे रहा है।”

उन्होंने आगे बताया कि कैसे भारत, जो वर्षों से लेमनग्रास तेल का आयात कर रहा था, सीएसआईआर के अरोमा मिशन की बदौलत 2023 तक एक निर्यातक देश बन गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में देश ने 600 मिलियन टन लेमनग्रास तेल का निर्यात किया।

डॉ. कलैसेल्वी ने सीएसआईआर के तहत हाइड्रोजन हाइड्रेट उत्पादन विनिर्माण सुविधा के बारे में भी जिक्र किया, जिसे 2022 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया था। ”इस कारखाने का शुभारंभ करते समय, प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि हाइड्रोजन हाइड्रेट का व्यावसायिक उत्पादन एक वर्ष के भीतर शुरू हो जाएगा। 2023 में, हाइड्रोजन हाइड्रेट के व्यावसायिक उत्पादन की पहली खेप की शुरुआत हुई। आज, यह 10,000 टन प्रति वर्ष का विनिर्माण संयंत्र है।” हाइड्रोजन हाइड्रेट अब रासायनिक उद्योगों, प्रसंस्करण उद्योगों और कई अन्य रसायन विज्ञान से संबंधित और फार्मेसी से संबंधित उद्योगों में अपना अनुप्रयोग देख रहा है।

सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ) प्रौद्योगिकी के बारे में बात करते हुए, डॉ. कलैसेल्वी ने कहा कि गणतंत्र दिवस फ्लाईपास्ट में हिस्सा लेने वाले दो विमान एसएएफ थे, जो वैमानिकी में स्वदेशी रूप से विकसित एक प्रौद्योगिकी है। ”हमने अब एयर बस  के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि एयर बस हमारी एसएएफ तकनीकी का उपयोग करेगा। कुछ और निजी खिलाड़ी भी हमारे साथ बातचीत कर रहे हैं।”

एनआईओ ने सी-बॉट विकसित किया है

डॉ. कलैसेल्वी ने रविवार को एनआईओ द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित एक पानी के नीचे काम करने वाले मानव रहित वाहन सी-बॉट को लॉन्च किया। सी-बॉट पानी में 200 मीटर गहराई तक कई उपकरण, सेंसर और गैजेट ले जा सकता है, जिससे वैज्ञानिकों को समुद्र के नीचे के पारिस्थितिकी तंत्र का अध्ययन करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, “हमारी सी-बॉट का एक अद्यतन संस्करण विकसित करने की योजना है, जो समुद्र में हजारों मीटर गहराई तक गोता लगाने में सक्षम होगा।”

पानी के नीचे काम करने वाला ये वाहन तापमान, आर्द्रता और जलवायु संबंधी विषयों का अध्ययन करने में काफी मदद करेगा। यह नमूने एकत्र करने और तस्वीरें लेने औरचरम वातावरण में बढ़ते जीव विज्ञान का अध्ययन करने में मदद करेगा।

डॉ कलैसेल्वी ने कहा, “वास्तव में,  पूरा हिंद महासागर हमारा लक्ष्य है। कुल 71 मिलियन वर्ग किलोमीटर… प्रशांत और अटलांटिक महासागर में बहुत सारे अध्ययन हुए हैं। लेकिन हिंद महासागर में, बहुत कम देश अध्ययन कर रहे हैं, इसलिए पूरे हिंद महासागर का अध्ययन करने की बहुत बड़ी आवश्यकता है।”

सीएसआईआर-जिज्ञासा कार्यक्रम

सीएसआईआर-जिज्ञासा छात्र-वैज्ञानिक कनेक्ट कार्यक्रम सीएसआईआर की एक पहल है, जिसके माध्यम से वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दिया जाता है। जिज्ञासा कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय और महाविद्यालय के छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों के अंदर एक ओर जिज्ञासा की संस्कृति और दूसरी ओर वैज्ञानिक स्वभाव को अंतर्विष्ठ करना है। यह कार्यक्रम छात्रों और शिक्षकों को सीएसआईआर प्रयोगशालाओं में जाकर विज्ञान में सिखाई जाने वाली सैद्धांतिक अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से इस्तेमाल करने, प्राप्त ज्ञान का उपयोग करके छोटी परियोजनाओं को शुरू करने, प्रश्नोत्तरी में प्रतिस्पर्धा करने और समाज की भलाई के लिए अपने ज्ञान का उपयोग करने में सक्षम बनाएगा।

डॉ. कलैसेल्वी ने कहा कि एनआईओ छात्र समुदाय के साथ जुड़े रहने के लिए एक रोल मॉडल है, क्योंकि जिज्ञासा कार्यक्रम के तहत कई छात्र इस संस्थान में आते हैं। उन्होंने कहा, “छात्र समुदाय के साथ जुड़े रहना महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे अगली पीढ़ी के वैज्ञानिक नेता हैं। एनआईओ में ऐसी सुविधाएं हैं, जो छात्रों को आभासी वास्तविकता के माध्यम से समुद्र में गोताखोरी का वास्तविक अनुभव प्राप्त करने में मदद करती हैं। एनआईओ ने पहले ही गोवा में कई बच्चों के मन में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि बैठा दी है। ऐसे कई छात्र हैं, जो अन्य राज्यों से भी एनआईओ आते हैं।”

इस संवाददाता सम्मेलन में एनआईओ के निदेशक प्रोफेसर सुनील कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

……………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………

Tags: Council of Scientific and Industrial Research is committed to making India 'self-reliant' by developing indigenous technologies: Director General Dr. N Kalaiselvimochan samachaarpibवैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को विकसित करके भारत को 'आत्मनिर्भर' बनाने के लिए प्रतिबद्ध है: महानिदेशक डॉ. एन कलैसेल्वी
Previous Post

नाडा इंडिया ने एनसीईआरटी के साथ “प्रिजर्विंग फेयर प्ले: ए स्टैंड अगेंस्ट वाडाज़ प्रोहेबिटेड सब्‍सटेंसेज” विषय पर लाइव सत्र का आयोजन

Next Post

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का संसद के समक्ष अभिभाषण

Next Post
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का संसद के समक्ष अभिभाषण

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का संसद के समक्ष अभिभाषण

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Facebook Twitter Youtube
Mochan Samachar

We bring you the best Premium WordPress Themes that perfect for news, magazine, personal blog, etc. Check our landing page for details.

Follow Us

Browse by Category

  • खेल
  • देश
  • धर्म
  • बंगाल
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • स्‍वास्‍थ्‍य

Recent News

चक्रवात ‘अर्नब’ : बंगाल के कई हिस्सों में 31 अक्टूबर तक हो सकती है भारी बारिश : आईएमडी

भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का पश्चिम बंगाल पर कोई असर पड़ने की संभावना नहीं : मौसम विभाग

02/11/2026
कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रही विदेशी ताकतों के हाथों की कठपुतली हैं : भाजपा अध्यक्ष

कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रही विदेशी ताकतों के हाथों की कठपुतली हैं : भाजपा अध्यक्ष

02/11/2026
No Result
View All Result
  • होम
  • बंगाल
  • देश
    • असम
    • बंगाल
  • विदेश
  • व्‍यापार
  • खेल
  • धर्म
  • स्‍वास्‍थ्‍य
  • संपर्क करें

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In